लापरवाही और आलस्य से हमारा भेद खुल जाता है। असली शेर वो होता है जो हार कर भी जीतना चाहता हो, जिसे अपने आप पर विश्वास हो की मैं मेरे दुश
लापरवाही और आलस्य से हमारा भेद खुल जाता है। असली शेर वो होता है जो हार कर भी जीतना चाहता हो, जिसे अपने आप पर विश्वास हो की मैं मेरे दुश